समाजवादी कहलाने का हक भी गंवा बैठे शरद: नीतीश

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(Dainik Bhaskar)

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जदयू के बागी नेता शरद यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि वंशवाद और भ्रष्टाचार के संरक्षक बन कर शरद खुद को समाजवादी कहलाने का हक भी गंवा बैठे हैं। शरद का रास्ता अब समाजवाद का नहीं हैं। वे साझी विरासत के बहाने वंशवाद तथा भ्रष्टाचार को संरक्षण दे रहे हैं। मुख्यमंत्री सोमवार को 1, अणे मार्ग में आयोजित लोकसंवाद कार्यक्रम के बाद संवाददाताओं से बातें कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी कभी भी परिवारवाद और भ्रष्टाचार का साथ नहीं देता। अपने सिद्घांतों को भूलकर अगर कोई अलग रास्ते पर चल रहा है तो चले, लेकिन उसे किसी पर बेवजह की छींटाकशी नहीं करनी चाहिए। मेरे बारे में कितनी बातें कही गईं, लेकिन मैं सिर्फ और सिर्फ काम कर रहा हूं। जेपी, लोहिया और कर्पूरी की राह से अलग हो जाने वाला समाजवादी हो ही नहीं सकता है।
शरद सिद्धांत की बात नहीं करें। अगर उनका समाजवाद से नाता होता, तो वह वंशवाद और भ्रष्टाचार की राजनीति की तरफ नहीं जाते। शरद के लोग खुद को असली जदयू साबित करने के लिए दो-दो बार चुनाव आयोग में गए, लेकिन हुआ क्या? हम लोगों ने चुनाव आयोग में सभी तथ्य उपलब्ध करा दिए हैं। वैसे चालीस ‌वर्ष के राजनीतिक जीवन में जितनी जगह उन्हें मीडिया में नहीं मिली उससे ज्यादा उन्हें दो महीने में मिल गई है। हालांकि इसपर मुझे कोई ऐतराज भी नहीं है।मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की जनता और बिहार का विकास, मेरे लिए यही दो मुद्दे हैं, जिनकी मुझे परवाह है, मैं और किसी बात की परवाह नहीं करता। पिछले 12 साल से हम बिहार में काम कर रहे हैं।
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